विश्व पटल पर ब्रह्माकुमारी संस्था निभा रही है प्रभावी भूमिका – राष्ट्रपति

  • राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आबू रोड स्थित ब्रह्माकुमारी संस्था के शांतिवन में किया दो दिवसीय राष्ट्रीय महिला सम्मेलन का उद्घाटन

  • ब्रह्माकुमारीज संस्थान के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय पहुंचे देश के राष्ट्रपति ने सपत्नीक संस्थान की मुख्य प्रशासिका दादी जानकी से की मुलाकात

  • राष्ट्रपति ने कहा मैं यहां दादी जानकी से मिलने, उनके आशीर्वचन सुनने और उनका आशीर्वाद लेने आया हूं। दादी का संदेश पुरे विश्व के लिए है हम सभी एक परमात्मा की संतान हैं। ये समझ में आ जाये तो सारी समस्याएं समाप्त हो जायेगी।

  • कार्यक्रम में राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र सहित अनेक अधिकारियों ने भी की शिरकत

  • देश का हर नागरिक है प्रथम नागरिक

  • ब्रह्माकुमारी बहनों को महिला रत्न की उपाधि से किया सम्मानित

  • पाॅस्को एक्ट के तहत होने वाली घटनाओं के दोषियों को मर्सीपिटीशन के अधिकार से वंचित किया जाए…

  • आबू रोड में ब्रह्माकुमारी संस्थान में महिला सशक्तिकरण द्वारा सामाजिक परिवर्तन विषय पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए देश के राष्ट्रपति माननीय रामनाथ क

     

  • नवयुग टाइम्स, प्रतिनिधि।
  • 06/12/19
  • आबू रोड। देश राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आबू रोड में स्थित ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा महिला सशक्तिकरण द्वारा सामाजिक परिवर्तन विषय पर शांतिवन में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश से आये प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि अध्यात्म पर आधारित जीवन के प्रति व्यक्तिगत दृष्टिकोण में परिवर्तन द्वारा पूरे मानवता के नव निर्माण में संलग्न यह संस्थान आज विश्व पटल पर प्रभावी भूमिका निभा रही है। दादीजी ने हम सबको एक प्रेरणादायी मंत्र दिया सच्चाई, सादगी और सफाई। यदि इस मंत्र को हम अपने जीवन में ढाल लें तो इससे विश्व का कल्याण भी होगा और मानवता का भी कल्याण होगा।

भौतिक साधनों से नहीं बल्कि अध्यात्म से मिलती है शांति

जिस शांति की खोज में हम सब लोग भटक रहे हैं उस शांति के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, वो शांति तो आप में अपने आप ही स्थापित हो जाएगी। भौतिक साधनों की प्राप्ति हो जाने के बावजूद भी मानव को शांति प्राप्त नहीं होती है तो वह यही सोचता है कि शांति इन साधनों में नहीं बल्कि कहीं और है। इसके लिए वह मंदिरों में पूजा करता है, उपासना करता है, गुरूद्घारों में जाता है, मस्जिदों में नमाज पढ़ता है, चर्च में जाता है, इसके बावजूद भी उसे शांति नहीं मिलती है। शांति उसे अध्यात्म के मार्ग पर चलने से ही प्राप्त होती है। यदि आप में नैतिकता का और मूल्यों का विकास हो रहा है तो समझ लें कि आप सही रास्ते पर हैं।

आबू रोड में ब्रह्माकुमारी संस्थान में महिला सशक्तिकरण द्वारा सामाजिक परिवर्तन विषय पर आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यकम का उद्धाटन करते हुए देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र, दादी जानकी, ब्रह्माकुमार निर्वैर भाई तथा अन्य।

देश का हर नागरिक है प्रथम नागरिक

एक विशालकाय वृत्त की परिधि पर 135 करोड़ भारतीयों के साथ खड़े होकर देश के माननीय राष्ट्रपति ने बताया कि आप किसी पर भी ऊंगली रखेंगे तो वह भी देश का प्रथम नागरिक ही होगा। इस तरह से हम सभी देश के प्रथम नागरिक है।

पास्को एक्ट के तहत  दोषियों को मर्सीपिटीशन के अधिकार से वंचित किया जाए…

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने  महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बेटियों पर होने वाली आसुरी प्रहारों की वारदातें देश की अंतरात्मा को झकझोर कर रख देती है। पाॅस्को एक्ट के तहत जो घटनायें होती है उनको मर्सीपिटीशन के अधिकार से वंचित किया जाए। उन्हें इस प्रकार के किसी भी अधिकार की जरूरत नहीं है।  इस दिशा में हम सबकी सोच आगे बढ़ रही है।

देश के माननीय राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सौगात भेंट कर सम्मानित करते हुए संस्था के कार्यकारी सचिव ब्रह्माकुमार मृत्युंजय भाई।

ब्रह्मा बाबा ने अजीवन मनुष्यों को तरासने का कार्य किया

उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्था के संस्थापक दादा लेखराज के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक जौहरी ही सच्चे रत्नों की परख कर सकता है। ब्रह्मा बाबा अजीवन मनुष्यों को तरासने का कार्य किया है। जिसके फलस्वरूप आज हम इतने भाई-बहनों को देख रहे हैं।

सम्मानित करने का अवसर मिला….

जब भी कभी मुझे टीवी देखने का मौका मिलता है तो मैं अवेकनिंग विद ब्रह्माकुमारीज देखता हूं। मानवीय मनोभावों को बारीकी से विश्लेषण करने की क्षमता ब्रह्माकुमारी शिवानी बहन में है। मुझे शिवानी बहन को महिला शक्ति अवार्ड से सम्मानित करने का अवसर मिला।

समाज के समग्र विकास के लिए महिलाओं को सशक्त बनाना आवश्यक

उन्होंने महिलाओं की शिक्षा पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि आज भी हमारे देश में महिला साक्षरता दर सबसे कम है। एक सामाजिक सत्य है कि आप एक बालक को शिक्षित बनाते हैं तो उसका लाभ एक परिवार को ही मिलता है। लेकिन जब आप एक बालिका को शिक्षित बनाते हैं तो उसका लाभ दो परिवारों को मिलता है। शिक्षित महिला के बच्चे कभी भी अशिक्षित नहीं होते हैं। इस दिशा में जन धन योजना बहुत ही कारगर सिद्घ हुई है।

ब्रह्माकुमारी संस्था की मुख्य प्रशासिका दादी जानकी जी से आशीर्वाद प्राप्त करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद।

विश्व में हमारा मान बढ़ाया

पर्यावरण सरंक्षण, जल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण आदि क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करके इस संस्था ने विश्व में हमारा मान बढ़ाया है।
इससे पूर्व देश के माननीय राष्ट्रपति का स्वागत बीके मृत्युंजय भाई एवं बीके हंसा बहन के द्वारा पुष्प गुच्छों से किया गया। इस अवसर पर देश-विदेश के पांच हजार से भी ज्यादा लोग उपस्थित थे।

सभा में उपस्थित देश-विदेश के नागरिक।

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