ब्रह्माकुमारी शिवानी बहन, वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका, ब्रह्माकुमारीज

महान परिवर्तन लाने के लिए छोटे-छोटे परिवर्तन रोज करने होते हैं

  • हाइलाइटस :-

  • याद रखें कि एक महान परिवर्तन लाने के लिए कुछ बहुत बड़ा नहीं करना पड़ता, लेकिन छोटे-छोटे परिवर्तन रोज करने होते हैं

  • परमात्मा सिखाते हैं कि नए साल का इंतजार नहीं करना, आपका हर क्षण नया होना चाहिए।

  • हमें वो नहीं सोचना है जो दुनिया में चल रहा है, हमें वो सोचना है जो हम चाहते हैं कि हमारी दुनिया में होना शुरू हो जाए

  • अब जरूरी है कि अपनी सेहत, शरीर का ध्यान रखने के साथ-साथ हम अपने मन का भी ध्यान रखना शुरू करें

  • सुबह का समय अपनी आंतरिक शक्तियों को जागृत करने के लिए है

  • इस समय सोच को बदलना जरूरी है सोच को बदलने के लिए जो हम सुनते, पढ़ते और देखते हैं उसका ध्यान रखना बहुत जरूरी है

  • अपने मन को शिकायत की आदत से शुक्रिया की तरफ शिफ्ट करना है

    ब्रह्माकुमारी शिवानी बहन, सीनियर राजयोग शिक्षिका, ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय
  • और वो होता है हमारा न्यू ईयर…

नए वर्ष की शुरूआत हो चुकी है। हम बडे दिनों से इंतजार कर रहे थे कि 2020 कब खत्म होगा। क्योंकि हमने कहा 2020 साल ही अच्छा नहीं था। हम इंतजार कर रहे थे 2021 आएगा तो जीवन बदल जाएगा, परिस्थितियां बदल जाएंगी, मन की स्थिति बदल जाएगी। आज फिर तारीख बदल रही है। आज फिर से एक नई शुरूआत करने का दिन है। इस नए साल की शुरूआत पुरानी बातों को खत्म करके करते हैं। जैसे किसी दिन अगर दही खट्टी हो जाए तो हम उस खट्टी दही के साथ अगले दिन की दही जमाएंगे तो अगले दिन की दही भी खट्टी हो जाएगी। कुछ दिन होते हैं तो उस खट्टी दही को छोड़ना होता है। आगे के लिए एक नई दही के साथ स्टार्ट करना होता है माना वो होता है हमारा न्यू ईयर। अगर हमने पुराने संस्कारों को ही लेकर नए साल की शुरूआत की तो फिर नया क्या होगा और खुशियां कहां होंगी?

  • अपने मन का ध्यान रखना शुरू करें…

2021 से सारे विश्व को बहुत सारी उम्मीदें हैं। सब इंतजार कर रहे हैं कि ये नया साल नया जीवन जीने का तरीका लायेगा। पिछले कुछ महीनों में हमने अपने को और अपनों को इस वायरस से बचाना सीख लिया है। लेकिन अब जरूरी है कि अपनी सेहत, शरीर, हेल्थ का ध्यान रखने के साथ-साथ हम अपने मन का भी ध्यान रखना शुरू करें। शुरू से हमें सबने बताया था टेक केयर बट डोंट पैनिक मतलब ध्यान रखो पर डरो मत।

  • अपनी आंतरिक शक्तियों को जागृत करें

सुबह दिन की शुरूआत करने के लिए हम एक छोटी सी आदत बनाते हैं। सुबह उठते ही सबसे पहले अपने फोन की तरफ नहीं देखेंगे। अगर हम अपने फोन को देखते हैं तो हम दुनिया की बातों को अपने मन पर ले आते हैं। सुबह का समय परमात्मा की शक्तियों को मन में भरने का है। सुबह का समय अपनी आंतरिक शक्तियों को जागृत करने के लिए है। सुबह के पहले क्षणों में ही अगर दुनिया की बातें मन पर आ गई तो फिर हमारे मन पर वो ही चलेगा जो दुनिया में हो रहा है। इस समय सोच को बदलना जरूरी है। और सोच को बदलने के लिए जो हम सुनते, पढ़ते और देखते हैं उसका ध्यान रखना बहुत जरूरी है। सुबह की पहली सोच हमारे पहले संकल्प शुक्रिया के होने चाहिए।

  • आपका हर क्षण नया होना चाहिए…

अपने मन को शिकायत की आदत से शुक्रिया की तरफ शिफ्ट करना है तो उसके लिए पहले संकल्प सुबह के परमात्मा को शुक्रिया, अपने तन और मन का शुक्रिया, अपने परिवार का शुक्रिया, प्रकृति का शुक्रिया, कितना कुछ है शुक्रिया करने के लिए। फिर उसके बाद कुछ श्रेष्ठ संकल्प जिसको हम कहते हैं अफरमेशन। संकल्प से सिद्धि, संकल्प से सृष्टि, हमारी सोच से हमारी दुनिया बनती है। हमें वो नहीं सोचना है जो दुनिया में चल रहा है, हमें वो सोचना है जो हम चाहते हैं कि हमारी दुनिया में होना शुरू हो जाए। एक चीज याद रखें कि एक महान परिवर्तन लाने के लिए कुछ बहुत बड़ा नहीं करना पड़ता। लेकिन छोटे-छोटे परिवर्तन रोज करने होते हैं। परमात्मा सिखाते हैं कि नए साल का इंतजार नहीं करना, आपका हर क्षण नया होना चाहिए।

  • धीरे-धीरे वो हमारी वास्तविकता बन जाएंगे…

ब्रह्माकुमारी शिवानी बहन, सीनियर राजयोग शिक्षिका, ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय

सुबह के लिए हम कुछ ऐसे श्रेष्ठ संकल्प बना लेते हैं जो हमें मन ही मन रिपीट करना है। इन संकल्पों को हम जितनी बार रिपीट करेंगे धीरे-धीरे वो हमारी वास्तविकता बनते जाएंगे –
1. मैं शक्तिशाली हूं मतलब मेरा मन परस्थिति, लोगों के व्यवहार, दूसरों की बातों से डिस्टर्ब नहीं होगा।
2. मैं शांत हूं। 3. मैं निर्भय हूं।
4. मेरा शरीर स्वस्थ है, निरोगी है और हमेशा रहेगा। आजकल कई बार जाने-अनजाने एक संकल्प आ जाता है। अगर मुझे कुछ हो गया तो। हमें इस सोच को खत्म करना है। ये सोच हमारे लिए, हमारे परिवार के लिए के लिए भी अच्छी नहीं है। इसलिए हमारा सुबह का श्रेष्ठ संकल्प मेरा शरीर स्वस्थ है, निरोगी है और हमेशा रहेगा।
5. परमात्मा की शक्तियों और दुआएं मेरे चारो तरफ एक सुरक्षा कवच है।
6. परमात्मा की शक्तियों और दुआएं मेरे परिवार की तरफ एक सुरक्षा कवच है।
7. परमात्मा की शक्तियां मेरे काम, करोबार, व्यवसाय उसके चारों तरफ भी एक सुरक्षा कवच है। मेरी नौकरी, मेरा व्यापार, मेरी दुकान, सब सुरक्षित है।
8. मेरी आमदनी, मेरा मुनाफा उसमें एक नम्बर लिख लीजिए जो आप चाहते हैं कि इस साल हो। और पूरे विश्वास के साथ संकल्प कीजिए कि इस साल ये मेरा मुनाफा होगा। ये मेरी सैलरी होगी। इसको अपने मन में बहुत बार रिपीट कीजिए।
9. फिर परमात्मा की शक्तियों और दुआएं पूरी सृष्टि के चारों तरफ एक बहुत शक्तिशाली सुरक्षा कवच है।
10. मेरी दुनिया सुरक्षित है। हमें बार-बार ये दुहराना है कि वो चीज जो आई थी खत्म हो चुकी है। चली गई है फिर कभी न आने के लिए। ये भी हमारा अफरमेशन है।
ये हैं हमारे श्रेष्ठ संकल्प। जिनको हमें दिन में कई बार दुहराना है। न्यू ईयर की प्रतिज्ञा में एक छोटी सी प्रतिज्ञा को और ऐड करो कि हर रोज सुबह का आधा घंटा हमारे लिए।

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