साकार मम्मा-बाबा का नाम रोशन कर हुई अव्यक्त वतन वासी

नवयुग टाइम्स, संवादाता, 15 नवम्बर 2021
जालंधर, पंजाब। आदरणीय ब्रह्माकुमारी कृष्णा बहन जी का जन्म 1941 को हुआ था। आप 1959 में ईश्वरीय ज्ञान में आये। आपने साकार में मम्मा-बाबा की पालना ली और अपना जीवन ईश्वरीय सेवार्थ 1960 में समर्पित कर दिया। आपने विशेष रूप से शिमला, हमीरपुर, बिलासुपर, ऊना, नांगल, होशियारपुर जैसी अनेक जगहों पर विशेष सेवायें दी और ईश्वरीय कार्य को आगे बढ़ाने के निमित्त बने। आप अपने अंतिम समय में जालंधर में सेवाएं दे रही थी। जहां आपने अनेक विशिष्ट लोगों को ईश्वरीय ज्ञान में लाने के निमित्त बनीं। इतना ही नहीं आपके अथक प्रयासों से पंजाब, हिमाचल प्रदेश सहित अनेक जगहों पर सेवाकेंद्र खोलने के निमित्त भी बनीं। आपके अथक प्रयासों का ही परिणाम है जब भी कोई सेवा की जरूरत पड़ती थी तो आपके एक फोन पर बड़े-बड़े वीआईपीज हाजिर हो जाते थे।

ऐसी महान विभूति पंजाब जोन के जालंधर सबजोन की प्रभारी बीके कृष्णा बहन ने दिनांक 12-11-21 को प्रातः 7 बजे आपने अचानक का पाठ पक्का करते हुए अपना भौतिक शरीर को छोड़कर अव्यक्त वतन वासी बन गई। उनका अंतिम संस्कार दिनांक 13 नवम्बर 2021 को ईश्वरीय विधि विधान से हरनामदासपुरा में किया गया। इस अवसर पर पंजाब ज़ोन की इन्चार्ज ब्रह्माकुमारी उतरा बहन और बीके प्रेम बहन दिवंगत आत्मा के पार्थिव शारीर की अंतिम यात्रा में सम्मलित हुई वहीं ब्रह्माकुमारी संस्था के अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय माउंट आबू से मुख्य प्रशासिका आदरणीय दादी रत्नमोहनी जी, वरिष्ठ राजयोगी भ्राता निर्वैर जी,  भ्राता वृजमोहन जी एवं संयुक्त मुखय प्रशासिका मुन्नी दीदी जी की ओर से दादी काटेज के वरिष्ठ राजयोगी भ्राता बीके प्रकाश भाई जी ने जालंधर पहुँच कर दिवंगत आत्मा के शरीर पर चादर, भोग का रुमाल तथा चन्दन की माला पहना कर दिवंगत आत्मा को अंतिम श्रधान्जली दी। दिवंगत आत्मा के प्रति अंतिम श्रधान्जली का कार्यक्रम दिनांक 24 नवम्बर 2021 को स्थानीय जैन भवन में 1 बजे से 2 बजे तक आयोजित किया जाएगा।

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