रविकुमार दाहिया को ईश्वरीय उपहार भेंट करते हुए बीके सुनीता बहन एवं साथ में हैं अनिल मान, बीके दीपक हरके, बीके संजय भाई, बीके पिंकी बहन रहें उपस्थित।

शारीरिक व मानसिक शक्तियों को एकाग्र करना सिखाता है राजयोग

हाइलाइट्स :-

  • टोक्यो ओलंपिक 2020 के सिल्वर पदक विजेता को किया सम्मानित

  • बीके सुनीता बहन ने राजयोग के ज्ञान के साथ परमात्मा का दिया दिव्य संदेश

  • अंतरराष्ट्रीय कोच अनिल मान को भी किया गया सम्मानित

  • परमात्म उपहार के साथ माउण्ट आबू आने का दिया निमंत्रण

  • बीके दीपक हरके ने शॉल ओढ़ाकर किया सम्मानित

रविकुमार दाहिया को ईश्वरीय उपहार भेंट करते हुए बीके सुनीता बहन एवं साथ में हैं अनिल मान, बीके दीपक हरके, बीके संजय भाई, बीके पिंकी बहन रहें उपस्थित।

नवयुग टाइम्स, संवादाता, 12 अगस्त 2021
नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत के लिए कांस्य पदक हासिल करने वाले रविकुमार दाहिया को जीवन में राजयोग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए ब्रह्माकुमारी सुनीता बहन ने कहा कि राजयोग के अभ्यास के द्वारा एकाग्रता शक्ति बढ़ती है जिससे हमारी मानसिक शक्तियों का विकास होता है। राजयोग न केवल हमें मानसिक रूप से सशक्त बनाता है बल्कि हमें जीवन जीने की कला भी सिखाता है। व्यक्ति तभी विजेता बनता है जब वह शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त होता है। राजयोग वह माध्यम है जो हमें शारीरिक और मानसिक शक्तियों को एकाग्र करना सिखाता है।

टोक्यो ओलम्पिक 2020 में कांस्य पदक विजेता रविकुमार दाहिया को परमात्मा का दिव्य संदेश देते हुए ब्रह्माकुमारी सुनीता बहन।

इस अवसर पर छत्रशाल स्टेडियम में ब्रह्माकुमारी बहनों के द्वारा कांस्य पदक विजेता को गुलदस्ते व शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय कोच अनिल मान को भी ईश्वरीय उपहार व परमात्मा संदेश देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान बीके दीपक हरके भाई, बीके संजय भाई और बीके पिंकी बहन उपस्थित रहे।

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