टीआरपी की दौड़ से ऊपर उठे मीडिया, तभी समाज को मिलेगा सही दिशा — सुभाष बराला

हाईलाइट्स :

  • वैश्विक शांति में मीडिया की अहम भूमिका पर मंथन, 400 मीडियाकर्मी शामिल

  • टीआरपी से ऊपर उठकर समाजहित में पत्रकारिता करने का आह्वान

  • कलम की ताकत से बदल सकती है दुनिया — पत्रकारिता का नया संकल्प

  • सूचना से आगे बढ़कर समाज निर्माण की जिम्मेदारी निभाए मीडिया

  • सकारात्मक और संवेदनशील पत्रकारिता से ही संभव है सामाजिक परिवर्तन

  • मीडिया केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने वाला माध्यम

  • आध्यात्मिकता और मेडिटेशन से शांति का संदेश देने पर जोर

  • शांति, सत्य और समाधान का संदेश – यही हो नई पत्रकारिता की पहचान

नवयुग टाइम्स | संवाददाता | राजस्थान

आबूराज, 01 मई 2026 । अरावली पर्वतमाला की शांत और सुरम्य वादियों के मध्य स्थित ब्रह्माकुमारीज के ज्ञानसरोवर परिसर में मीडिया प्रभाग द्वारा आयोजित चार दिवसीय राष्ट्रीय मीडिया महासम्मेलन का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस सम्मेलन में देशभर से आए लगभग 400 वरिष्ठ पत्रकारों, मीडिया विशेषज्ञों, शिक्षकों और चिंतकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का विषय वैश्विक शांति की आवश्यकता में मीडिया की भूमिका रहा, जिस पर वक्ताओं ने गहन विचार रखते हुए मीडिया को समाज की दिशा निर्धारित करने वाला सशक्त माध्यम बताया।

मीडिया केवल खबर नहीं, समाज को दृष्टि भी देता है सुभाष बराला

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए हरियाणा से आए राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने कहा कि माउंट आबू जैसी आध्यात्मिक भूमि पर आकर उन्हें आंतरिक शांति और स्थिरता का अनुभव हुआ। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज को वैश्विक स्तर पर नारी सशक्तिकरण का अद्वितीय उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि आज विश्व में तनाव और संघर्ष की स्थिति है, ऐसे समय में मीडिया की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। मीडिया केवल सूचना नहीं देता, बल्कि समाज को सोचने की दिशा भी देता है। उन्होंने मीडिया से टीआरपी की दौड़ से ऊपर उठकर समाजहित में कार्य करने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि यदि मीडिया सवालों के साथ समाधान भी प्रस्तुत करे, तो समाज में वास्तविक परिवर्तन संभव है।

शांति और सत्य का संदेश घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान…

सांसद ने कहा कि माउंट आबू से शांति और सत्य का संदेश निकलता है, जिसे मीडिया के माध्यम से हर घर तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत विश्व को नई दिशा देने की क्षमता रखता है और इसमें मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

🔹 मीडिया की भूमिका केवल सूचना तक सीमित नहीं – परमार

रायपुर से पधारे कुशाभाउ ठाकरे विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. डॉ. मानसिंह परमार ने कहा कि मीडिया की भूमिका केवल सूचना प्रसार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रति एक महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने वर्तमान समय में बढ़ती हिंसा और नकारात्मकता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मीडिया को सकारात्मकता और शांति के संदेश को प्राथमिकता देनी चाहिए।

🔹 इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की जिम्मेदारी

यदि पत्रकार अपने भीतर के दिव्य गुणों को जागृत कर लें, तो किसी आचार संहिता की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की कार्यशैली पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि आज मीडिया “ब्रेकिंग” और “लाइव” खबरों की होड़ में लगा रहता है, जिससे शांति और सकारात्मकता के संदेश पीछे छूट जाते हैं। ऐसे में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को भी शांति स्थापना में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

🔹 पत्रकारिता का मूल उद्देश्य: सामाजिक जिम्मेदारी

अंत में उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल सूचना देने का कार्य नहीं है, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना भी मीडिया का मूल उद्देश्य होना चाहिए।

व्यक्तिगत शांति के बिना विश्व शांति संभव नहींबीके मोहिनी दीदी

ब्रह्माकुमारी संस्था की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मोहिनी दीदी ने कहा कि विचार और वाणी का वातावरण पर गहरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने मीडिया से शांति और सकारात्मकता का संदेश फैलाने का आह्वान किया।

सारा विश्व एक परिवार – बीके सुदेश दीदी

ब्रह्माकुमारी संस्था की संयुक्त मुख्य प्रशासिका बीके सुदेश दीदी ने कहा कि शांति हमारी आत्मा का मूल संस्कार है और सकारात्मकता, पवित्रता तथा परमात्मा से जुड़ाव के बिना यह संभव नहीं है।

यह आपका अपना घर है – करुणा भाई

ब्रह्माकुमारीज के महासचिव एवं मीडिया विंग के अध्यक्ष बीके करुणा भाई ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह ईश्वरीय विश्वविद्यालय पिछले 90 वर्षों से ‘सारा विश्व एक परिवार का संदेश दे रहा है। यहां आप अपने घर जैसा अनुभव करें और इन तीन दिनों में शांति का अधिकतम अनुभव लें।

सकारात्मक पत्रकारिता समय की मांगबीके सरला दीदी

मीडिया विंग की उपाध्यक्ष बीके सरला दीदी ने कहा कि मीडिया को केवल सनसनीखेज खबरों तक सीमित न रहकर समाज को समाधान देने की दिशा में कार्य करना चाहिए।

मेडिटेशन ही शांति का आधारबीके शीलू दीदी

राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराते हुए बीके शीलू दीदी ने कहा कि आत्मचिंतन और ध्यान से ही वास्तविक शांति का अनुभव संभव है।

🎤 विशिष्ट अतिथियों के विचार

🔹 मनीष बाजपेई (सलाहकार संपादक, डीडी न्यूज़, नई दिल्ली)
उन्होंने कहा कि समाज की समस्याओं का सही निदान आवश्यक है। कथनी और करनी में अंतर नहीं होना चाहिए। भौतिकता और आध्यात्मिकता का संतुलन जीवन में जरूरी है।

🔹 नरेश कौशल (संपादक, दैनिक ट्रिब्यून, चंडीगढ़)
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विश्व अशांति के दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में मीडिया की सकारात्मक भूमिका अत्यंत आवश्यक है। शांति की शुरुआत परिवार से होती है।

🔹 तान्या पटनायक (संपादक, संबाद एवं कनक टीवी, भुवनेश्वर)
उन्होंने भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि यह हमें एकता और परिवार की भावना सिखाता है। आज के एकल परिवार युग में मीडिया की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।

🔹 डॉ. राजेश राजौरे (संपादक, दैनिक देशोन्नति, बुलढाणा)
इस अवसर पर उनकी पुस्तक का विमोचन भी किया गया।

🎭 सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां

कार्यक्रम में मधुरवाणी ग्रुप द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया, वहीं डायमंड डांस ग्रुप की कुमारी नीता की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भर दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन मीडिया विंग छत्तीसगढ़ की राज्य समन्वयक बीके मंजू दीदी ने किया।

समापन संदेश

इस मीडिया महासम्मेलन का मुख्य उद्देश्य मीडिया को उसकी वास्तविक शक्ति का बोध कराना है, ताकि वह समाज में शांति, सकारात्मकता और समाधान का संदेश फैलाकर एक बेहतर और संतुलित विश्व के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके।

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