लोक भवन में “कर्मयोग द्वारा सशक्त भारत अभियान” का भव्य शुभारंभ

हाईलाइट्स:

  • कर्मयोग द्वारा सशक्त भारत अभियान का भव्य शुभारंभ

  • राज्यपाल ने प्रशासनिक अधिकारियों को दिया कर्मयोग का संदेश

  • ब्रह्माकुमारी संस्थान के अभियान को मिला राज्यपाल का समर्थन

  • “Work is Worship” के संदेश से गूंजा लोक भवन कार्यक्रम

  • बिहार में कर्मयोग अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान

  • प्रशासनिक सशक्तिकरण हेतु आध्यात्मिक नेतृत्व का प्रेरक पहल

नवयुग टाइम्स, संवादाता, बिहार। 28/04/26

बिहार, पटना। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, पटना कंकड़बाग के तत्वावधान में “कर्मयोग द्वारा सशक्त भारत अभियान” का शुभारंभ दिनांक 28 अप्रैल 2026 को लोक भवन, बिहार में माननीय राज्यपाल महोदय द्वारा किया गया। इस अवसर पर बिहार के समस्त प्रशासनिक पदाधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रबंधकों के लिए इस अभियान की शुरुआत की गई। कार्यक्रम को प्रभावशाली रूप से राज्य के प्रत्येक प्रशासनिक स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से माननीय राज्यपाल ने ब्रह्माकुमारी संस्थान की बहनों को कलश एवं भाइयों को ध्वज प्रदान कर अभियान का प्रतीकात्मक आरंभ किया।

आध्यात्मिक नेतृत्व द्वारा मार्गदर्शन

कार्यक्रम को ओम शांति रिट्रीट सेंटर की निर्देशिका राजयोगिनी आशा दीदी एवं प्रशासनिक प्रभाग के राष्ट्रीय संयोजक ब्रह्माकुमार हरीश भाई ने संबोधित किया। पटना मुख्य सेवाकेंद्र की संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी संगीता बहन ने सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत किया। मंच संचालन ओम शांति रिट्रीट सेंटर के प्रशासनिक प्रभाग की संयोजक ब्रह्माकुमारी विधात्री बहन द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया।

राज्यपाल का प्रेरणादायी संदेश

कार्यक्रम के शुभारंभ के पश्चात माननीय राज्यपाल महोदय ने ब्रह्माकुमारी संस्थान के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि “कर्म ही पूजा है।” उन्होंने एक कुशल नेतृत्वकर्ता के लिए अपने सहकर्मियों के बीच सकारात्मक वातावरण बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि कर्मयोग का मूल आधार कार्यस्थल पर प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा का सम्मान करना है। उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्थान के पूर्व कार्यों की प्रशंसा करते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायी कार्यक्रमों के आयोजन हेतु आमंत्रण एवं शुभकामनाएं दीं।

कर्मयोग का वास्तविक अर्थ और महत्व

प्रशासनिक प्रभाग की अध्यक्षा एवं ओम शांति रिट्रीट सेंटर की निर्देशिका ने अपने उद्बोधन में कर्मयोग के महत्व को स्पष्ट करते हुए कहा कि “कर्म ही पूजा है।” उन्होंने विशेष रूप से “Work is Worship, not Warship” का संदेश देते हुए कर्मयोग के माध्यम से प्रशासन को सशक्त बनाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कर्मयोग व्यक्ति को न केवल कार्यकुशल बनाता है, बल्कि उसे मानसिक रूप से भी सशक्त करता है।

सशक्त भारत निर्माण का संकल्प

माउंट आबू से पधारे प्रशासनिक सेवा प्रभाग के राष्ट्रीय संयोजक बी.के. हरीश भाई ने भारत सरकार के कर्मयोगी मिशन के साथ ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा संचालित “कर्मयोग द्वारा सशक्त भारत अभियान” पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने पूरे बिहार में इस अभियान को जन-आंदोलन के रूप में चलाने का संदेश दिया, जिससे सभी प्रशासनिक अधिकारी तनावमुक्त होकर राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

इस कार्यक्रम में गवर्नर सबीहा हसनैन, राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा, पटना सब-जोन की प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी रुक्मणी दीदी, ब्रह्माकुमारी संस्थान के भाई-बहन, लोक भवन के पदाधिकारी, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति एवं विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे।

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