
आबू रोड, राजस्थान। 4 अप्रैल से डायमण्ड हॉल में प्रारंभ हुई ब्रह्माकुमारी संस्था की अंतरराष्ट्रीय कार्यकारिणी की वार्षिक मीटिंग, जो 11 अप्रैल तक चलेगी, इस समय शांतिवन के भव्य डायमण्ड हॉल में आयोजित हो रही है। यह केवल एक मीटिंग नहीं, बल्कि भारत को आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाने का एक महान संकल्प है। इस पावन आयोजन की अध्यक्षता कर रही हैं – राजयोगिनी मोहिनी दीदी। उनके मार्गदर्शन में देशभर से आई मुख्य बहनें, राष्ट्रीय और मुख्यालय कोऑर्डिनेटर मिलकर आने वाले वर्ष की सेवा योजनाओं का निर्माण कर रहे हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय संस्कृति और परंपरा के अनुसार सभी अतिथियों को तिलक लगाकर की गई। इसके बाद सभी ने परमात्मा की याद में स्थित होकर पूरे विश्व को शांति की सकाश दी — एक ऐसा क्षण, जहाँ मौन भी संदेश बन गया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, और केक वितरण के साथ इस आयोजन में खुशी और एकता की मिठास भी घुल गई।

इस अवसर पर राजयोगिनी मोहिनी दीदी ने प्रेरणा देते हुए कहा — हम सभी को एक-दूसरे के प्रति शुभभावना रखते हुए सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए।

राजयोगिनी मुन्नी दीदी ने एक गहरी अनुभूति साझा की कि हमारी दादियाँ आज भी सूक्ष्म रूप में हमारे साथ हैं, हमारा मार्गदर्शन कर रही हैं।

राजयोगिनी जयंति दीदी ने बताया — मेडिटेशन के माध्यम से हम केवल स्वयं को नहीं, बल्कि पूरे विश्व को शांति का उपहार देते हैं।

ज्ञान सरोवर की डायरेक्टर, राजयोगिनी सुदेश दीदी ने समझाया कि — जैसे प्रकृति के नियम होते हैं, वैसे ही आध्यात्मिकता के भी अपने नियम हैं, जिनसे जीवन संतुलित और सफल बनता है।

राजयोगिनी संतोष दीदी ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया — जब हम स्व-उन्नति और विश्व कल्याण के बीच संतुलन रखते हैं, तभी सच्ची सफलता प्राप्त होती है।

कार्यक्रम में महासचिव राजयोगी करूणा भाईसाहब ने एक सुंदर अनुभव साझा किया— जब उन्होंने दादियों से पूछा कि वे इतनी महान कैसे बनीं, तो उनका सरल उत्तर था— “हमें मम्मा ने बनाया…” यानी सच्चे संस्कार और सही मार्गदर्शन ही महानता की असली नींव हैं।

✨ यह मीटिंग सिर्फ एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक ऊर्जा का संगम है — जहाँ हर विचार, हर संकल्प, पूरे विश्व में शांति, प्रेम और सकारात्मकता फैलाने की दिशा में उठाया गया एक कदम है।
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