हाईलाइट्स :
माउंट आबू में विधि एवं न्याय मंत्रालय के दो दिवसीय ‘रिफॉर्म्स उत्सव एवं चिंतन शिविर-2026’ का शुभारंभ
जीवन में चिंता नहीं, समाधान के लिए करें चिंतन : अर्जुन राम मेघवाल
माउंट आबू में कानून मंत्रालय का दो दिवसीय चिंतन शिविर शुरू
ज्ञान सरोवर में जुटे देशभर के विधि एवं न्याय विभाग के अधिकारी
विकसित भारत के लिए कानून सुधारों पर मंथन
कानूनी सुधारों की नई दिशा तय करेगा चिंतन शिविर
कानूनी एवं न्यायिक सुधारों पर होगा मंथन, विकसित भारत के निर्माण की दिशा में बनेगी रणनीति

माउंट आबू। भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय द्वारा ब्रह्माकुमारीज़ के ज्ञान सरोवर परिसर, माउंट आबू में आयोजित दो दिवसीय रिफॉर्म्स उत्सव एवं चिंतन शिविर–2026 का शुभारंभ केंद्रीय कानून एवं विधि न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने किया। शिविर में केंद्रीय मंत्रालय, नई दिल्ली के विधि एवं न्याय विभाग के सचिव, वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान पिछले 12 वर्षों में हुए कानूनी एवं न्यायिक सुधारों की समीक्षा के साथ भविष्य की कार्ययोजना पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा।

शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि जीवन में जब भी कोई परेशानी आए तो चिंता करने के बजाय समाधान के लिए चिंतन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था या विभाग की प्रगति के लिए समय-समय पर अपने कार्यों की समीक्षा आवश्यक है, ताकि कमियों को दूर कर कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। चिंतन शिविर का उद्देश्य भी पूर्व में किए गए कार्यों का मूल्यांकन कर भविष्य में बेहतर निर्णय लेना है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में कई बार कुछ लोग राजनीतिक नैरेटिव बनाने के लिए शब्दों का गलत प्रयोग कर देते हैं, जिससे समाज में भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है। ऐसे समय में तथ्यों के आधार पर सही दृष्टिकोण विकसित करना आवश्यक है।
संविधान में अब तक 106 संशोधन हुए : डॉ. राजीव मणि त्रिपाठी
विधि सचिव एवं सचिव विधायी विभाग एवं न्याय मंत्रालय डॉ. राजीव मणि त्रिपाठी ने कहा कि कानून का क्षेत्र निरंतर परिवर्तनशील है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद अब तक भारतीय संविधान में 106 संशोधन किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि हाल का महत्वपूर्ण संशोधन महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण प्रदान करने से संबंधित है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।

उन्होंने जानकारी दी कि मंत्रालय ने जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए संविधान का प्रकाशन 20 भारतीय भाषाओं में कराया है, जिससे अधिकाधिक नागरिक अपनी मातृभाषा में संविधान को समझ सकें। इस अवसर पर उन्होंने पीपीटी के माध्यम से पिछले 12 वर्षों में कानून एवं संविधान से जुड़े प्रमुख सुधारों की जानकारी भी दी।
ज्ञान सरोवर में आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव : डॉ. मनोज कुमार

विधि एवं न्याय विभाग के अतिरिक्त सचिव डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ के ज्ञान सरोवर परिसर का आध्यात्मिक वातावरण सभी प्रतिभागियों को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस चिंतन शिविर का उद्देश्य ‘विकसित भारत’ के निर्माण में विधि एवं न्याय विभाग की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाना है। साथ ही देश के विकास की आवश्यकताओं के अनुरूप नए कानूनों एवं सुधारों पर गंभीर मंथन किया जा रहा है।
योग एवं राजयोग मेडिटेशन के होंगे विशेष सत्र
दो दिवसीय चिंतन शिविर के दौरान प्रतिभागियों के लिए योग एवं राजयोग मेडिटेशन के विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में ब्रह्माकुमारी संस्थान की वरिष्ठ बहनें तनावमुक्त, संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली के लिए राजयोग मेडिटेशन की व्यावहारिक विधियाँ साझा करेंगी।

कार्यक्रम में ज्वाइंट सेक्रेटरी पी.सी. प्रसाद ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ के अतिरिक्त महासचिव डॉ. बीके मृत्युंजय भाई ने केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल का पुष्पगुच्छ एवं शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया। कार्यक्रम में संस्थान की संयुक्त मुख्य प्रशासिका बीके सुदेश दीदी सहित मंत्रालय एवं ब्रह्माकुमारीज़ के अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
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