ज्ञान सरोवर में वित्त क्षेत्र के प्रोफेशनल्स के लिए चार दिवसीय मेडिटेशन प्रशिक्षण शिविर शुरू
देशभर से पहुंचे सीए और टैक्स प्रोफेशनल्स

माउंट आबू, राजस्थान। ब्रह्माकुमारीज़ के ज्ञान सरोवर परिसर में वित्त क्षेत्र (चार्टर्ड अकाउंटेंट, टैक्स प्रोफेशनल एवं टैक्स सलाहकार) से जुड़े भाई-बहनों के लिए ‘डीप साइलेंस फॉर ग्लोबल पीस‘ विषय पर चार दिवसीय मेडिटेशन कम ट्रेनिंग कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। देशभर से आए वित्त क्षेत्र के प्रोफेशनल्स इस प्रशिक्षण शिविर में भाग लेकर गहन राजयोग मेडिटेशन एवं आध्यात्मिक जीवनशैली का अभ्यास करेंगे। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
डीप साइलेंस ही नई दुनिया की मजबूत नींव : सुदेश दीदी

ज्ञान सरोवर की डायरेक्टर एवं ब्रह्माकुमारीज़ की संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी सुदेश दीदी ने कहा कि आज विश्व को सबसे अधिक आवश्यकता गहन शांति की है। डीप साइलेंस ही नई दुनिया की मजबूत नींव है। परमात्मा ने ‘ओम शांति’ का संदेश देकर विश्व परिवर्तन की शुरुआत की और शांति की ऊर्जा से हिंसा एवं अशांति पर विजय प्राप्त की जा सकती है। संस्था के प्रारंभिक यज्ञकाल का इतिहास इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है।
दूसरों को शांति देना ही सच्ची आध्यात्मिक सेवा : करूणा भाई

संस्था के महासचिव राजयोगी करूणा भाई ने कहा कि राजयोग मेडिटेशन से व्यक्ति को शांति, आनंद और आत्मिक खुशी प्राप्त होती है। वर्तमान समय में केवल स्वयं शांत रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि दूसरों को भी शांति का अनुभव कराना आवश्यक है। जब हम दूसरों को शांति देते हैं, तब हमारी अपनी आंतरिक शक्ति और शांति भी बढ़ती है।
युद्ध नहीं, शांति ही मानवता का भविष्य : मृत्युंजय भाई

अतिरिक्त महासचिव राजयोगी मृत्युंजय भाई ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में विश्वभर में बढ़े युद्ध, तनाव और हिंसा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भौतिक प्रगति के बावजूद मानवता आज भी आंतरिक शांति से दूर है। रूस-यूक्रेन युद्ध सहित अनेक वैश्विक संघर्षों ने करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। ऐसे समय में राजयोग मेडिटेशन ही मनुष्य और समाज को स्थायी शांति की दिशा दे सकता है।
आत्म-अभिमान ही श्रेष्ठ जीवन की पहचान : गोकुल भाई

शांतिवन अकाउंट्स ऑफिस के वरिष्ठ भ्राता राजयोगी गोकुल भाई ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि मधुबन आने वाला प्रत्येक साधक परमात्मा की विशेष छत्रछाया का अनुभव करता है। आत्म-अभिमान की स्थिति ही जीवन की सबसे बड़ी आध्यात्मिक उपलब्धि है और यही श्रेष्ठ संस्कार भविष्य के दिव्य जीवन की आधारशिला बनते हैं।
गहन साइलेंस बन सकता है जीवन का संस्कार : शारदा दीदी

गुजरात के अंबावाड़ी सेवा केंद्र की संचालिका एवं वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका राजयोगिनी शारदा दीदी ने कहा कि सच्चा साइलेंस केवल मौन रहना नहीं, बल्कि मन, बुद्धि, दृष्टि और कर्मों में शांति का अनुभव करना है। जब व्यक्ति भीतर और बाहर दोनों स्तरों पर शांत हो जाता है, तब उसके व्यक्तित्व से स्वतः आध्यात्मिक आकर्षण और सकारात्मक ऊर्जा प्रसारित होने लगती है। उन्होंने कहा कि चार दिनों के इस प्रशिक्षण में प्रतिभागी इतनी गहन साइलेंस का अभ्यास करें कि वह उनके जीवन का स्थायी संस्कार बन जाए।
वित्तीय जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों का महत्व : सीए रमेश भाई
इस अवसर पर सीए राजयोगी रमेश भाई ने भी वित्तीय जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम का संचालन बीके निधि बहन ने किया, जबकि शांतिवन अकाउंट्स ऑफिस की प्रभारी बीके मिली दीदी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों का तिलक, पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंटकर सम्मान किया गया तथा समापन पर सभी प्रतिभागियों का मुख मीठा कराया गया।
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