हाईलाइट्स –
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ज्ञानसरोवर में राजनीतिज्ञ सेवा प्रभाग का त्रिदिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित
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राजनीति और आध्यात्मिकता का संगम: माउंट आबू में 400 से अधिक जनप्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
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राजनीति में आध्यात्मिकता से बनेगा शांतिपूर्ण समाज
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प्रमोद सावंत का संदेश – शांतिपूर्ण समाज के निर्माण के लिए राजनीति में आध्यात्मिकता जरूरी
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ज्ञानसरोवर माउंट आबू में राष्ट्रीय सम्मेलन, मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बताया आध्यात्मिक नेतृत्व का महत्व
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माउंट आबू में देशभर के राजनीतिज्ञों का आध्यात्मिक सम्मेलन, नशामुक्त भारत अभियान पर हुआ मंथन
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विकसित भारत के लिए आध्यात्मिक नेतृत्व आवश्यक: माउंट आबू में राजनीतिज्ञों ने किया चिंतन
माउंट आबू (राजस्थान)। ब्रह्माकुमारी संस्था के ज्ञानसरोवर परिसर में राजनीतिज्ञ सेवा प्रभाग द्वारा “शांतिपूर्ण समाज के लिए राजनीति में आध्यात्मिकता” विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक एवं चिंतनपरक कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न राज्यों से राजनीति क्षेत्र से जुड़े लगभग 400 से अधिक राजनीतिज्ञों एवं जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर विभिन्न वक्ताओं ने राजनीति में नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक सशक्तिकरण और शांतिपूर्ण समाज के निर्माण में आध्यात्मिकता की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।
राजनीति में विश्वास, चरित्र और आध्यात्मिकता जरूरी: प्रमोद सावंत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गोवा के मुख्यमंत्री श्री प्रमोद सावंत ने कहा कि जीवन के किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए यह समझना जरूरी है कि हम जो कार्य कर रहे हैं, उसका उद्देश्य और लाभ क्या है। चाहे वह राजनीति का क्षेत्र हो या अध्यात्म का, सकारात्मक सोच और श्रेष्ठ उद्देश्य के साथ कार्य करना आवश्यक है। हम सभी यहां इस उद्देश्य से एकत्रित हुए हैं कि आध्यात्मिकता से जुड़कर समाज और राष्ट्र के लिए बेहतर कार्य कैसे किया जा सके।

मुख्यमंत्री श्री सावंत ने कहा कि राजनीति में सफलता के लिए विश्वास, आत्मविश्वास, योग्यता, चरित्र और प्रभावी संवाद क्षमता अत्यंत आवश्यक है। जब तक लोगों का विश्वास हमारे ऊपर नहीं होगा, तब तक हम समाज का नेतृत्व प्रभावी रूप से नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि ये सभी गुण हमें अध्यात्म से प्राप्त होते हैं।

उन्होंने कहा कि “पावर मेक द पॉलिसी” अर्थात शक्ति ही नीति निर्माण का आधार बनती है। हम राजनीति में इसलिए आते हैं कि समाज और लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकें। भारत की संस्कृति “वसुधैव कुटुम्बकम” के सिद्धांत पर आधारित है। चाहे कोई किसी भी राजनीतिक दल, राज्य या विचारधारा से जुड़ा हो, लेकिन राष्ट्र सर्वोपरि है। हमारे लिए जनता प्रथम, देश प्रथम और राष्ट्र प्रथम होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा विश्व स्तर पर किए जा रहे आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था द्वारा चलाया जा रहा “नशामुक्त भारत अभियान” देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। विकसित भारत के निर्माण के लिए देश के युवाओं का नशामुक्त और संस्कारवान होना आवश्यक है।
राजनीति में आध्यात्मिकता और मेडिटेशन की आवश्यकता: विक्रम कुंवर

बिहार सरकार के पूर्व मंत्री श्री विक्रम कुंवर ने कहा कि वर्तमान समय की राजनीति में मेडिटेशन और आध्यात्मिक मूल्यों की बहुत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पहले राजनीति में कार्यकर्ताओं के समर्पण, चरित्र और व्यक्तित्व को महत्व दिया जाता था, लेकिन आज परिस्थितियां बदल रही हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश में भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं के खिलाफ सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता के माध्यम से व्यक्ति के विचारों में सकारात्मक परिवर्तन आता है, जिससे वह समाज और राष्ट्र के हित में बेहतर निर्णय ले सकता है।
10 करोड़ आत्माओं को व्यसन मुक्त बनाने का संकल्प: राजयोगी करुणा भाईसाहब

ब्रह्माकुमारी संस्था के महासचिव राजयोगी करुणा भाईसाहब ने कहा कि संस्था अपने 90 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विभिन्न सेवा कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। इसी के अंतर्गत विशेष रूप से 10 करोड़ आत्माओं को व्यसन मुक्त जीवन जीने की प्रतिज्ञा कराने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक जागृति के माध्यम से ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
ब्रह्माकुमारी संस्था का नशामुक्ति अभियान समाज के लिए प्रेरणादायी: लक्ष्मणराव ढोबले

महाराष्ट्र सरकार के पूर्व मंत्री श्री लक्ष्मणराव ढोबले ने कहा कि यदि व्यक्ति को श्रेष्ठ जीवन जीना है तो जीवन से नशे को दूर करना आवश्यक है। सरकार, प्रशासन और विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए गए, लेकिन नशामुक्ति की दिशा में अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था ने 10 करोड़ लोगों को व्यसन मुक्त बनाने का जो संकल्प लिया है, वह समाज के लिए बहुत बड़ी सेवा है। इससे अनेक परिवारों को टूटने से बचाया जा सकता है।
आध्यात्मिकता से शक्तिशाली बनेगा नेतृत्व: बीके लक्ष्मी दीदी

राजनीतिज्ञ सेवा प्रभाग की अध्यक्षा राजयोगिनी बीके लक्ष्मी दीदी ने कहा कि राजनेताओं को अपने जीवन को शक्तिशाली बनाने और समाज के कल्याण के लिए आध्यात्मिकता को अपनाना आवश्यक है। आध्यात्मिक मूल्यों के आधार पर ही श्रेष्ठ नेतृत्व का निर्माण संभव है।
भारत की शक्ति है आध्यात्मिकता: बीके आशा दीदी

ओम शांति रिट्रीट सेंटर, गुरुग्राम की निदेशिका राजयोगिनी बीके आशा दीदी ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी आध्यात्मिक विरासत है। अनेक आक्रमणों के बावजूद भारत की संस्कृति और मूल्य आज भी जीवंत हैं, जिसका मुख्य कारण भारत की आध्यात्मिकता है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता ही समाज को जोड़ने और मानवता को मजबूत बनाने का कार्य करती है।
प्रेम, सम्मान और समानता से बनेगा शांतिपूर्ण समाज: बीके लक्ष्मी दीदी

राष्ट्रीय संयोजिका बीके लक्ष्मी दीदी ने कहा कि शांतिपूर्ण समाज के निर्माण के लिए प्रेम भावना, नारी सम्मान और समानता का होना आवश्यक है। जिस समाज में किसी के साथ भेदभाव न हो और सभी को सम्मान मिले, वही वास्तविक अर्थों में शांतिपूर्ण समाज कहा जा सकता है।
देशभर के गणमान्य अतिथियों ने किया संबोधित
कार्यक्रम में तेलंगाना सरकार की पंचायती राज एवं ग्राम विकास मंत्री श्रीमती दंसारी अनसूया, राजनीतिज्ञ सेवा प्रभाग की उपाध्यक्षा राजयोगिनी बीके उषा दीदी, राष्ट्रीय संयोजिका बीके सपना दीदी, मैसूरु से बीके रंगनाथ भाई सहित अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया और शांतिपूर्ण समाज के निर्माण में आध्यात्मिक मूल्यों की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।
सभी वक्ताओं ने शांतिपूर्ण समाज के निर्माण, नैतिक मूल्यों पर आधारित राजनीति और आध्यात्मिक सशक्तिकरण की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
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