हाईलाइट्स :
– 8वीं दादी प्रकाशमणि अंतरराष्ट्रीय हॉफ मैराथन में देश–विदेश से पहुंचे धावक
– 21.01 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण पहाड़ी दौड़ में दिखा उत्साह और दमखम
– विश्व बंधुत्व, विश्व शांति और नशामुक्त जीवन का दिया संदेश
– वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा, विश्व बंधुत्व और शांति का दिया संदेश
– ओलंपिक मैराथन धावक खेता राम ने बढ़ाया रनर्स का हौसला
– देश-विदेश से करीब चार हजार धावकों ने लिया हिस्सा, विजेताओं को पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र से किया सम्मानित

माउंट आबू, 9 अगस्त। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि की पुण्य स्मृति में आयोजित 8वीं दादी प्रकाशमणि अंतरराष्ट्रीय हॉफ मैराथन में रविवार को देश-विदेश से पहुंचे हजारों धावकों ने अरावली की पहाड़ियों को नापते हुए अपने दमखम का प्रदर्शन किया। सुबह 6 बजे तलहटी स्थित मनमोहिनीवन से शुरू हुई 21.01 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण दौड़ में करीब 3500 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से लगभग 3000 रनर्स ने दौड़ पूरी कर माउंट आबू स्थित पांडव भवन के ओम शान्ति भवन में फिनिशिंग पॉइंट को छुआ।

मैराथन का शुभारंभ अतिथियों ने हरी झंडी और शिव ध्वज दिखाकर किया। दौड़ में 18 वर्ष के युवा प्रतिभागियों से लेकर 70 वर्ष तक के वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। महिलाओं, पति-पत्नी की जोड़ियों और वरिष्ठ नागरिकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। कई प्रतिभागी हाथों में तिरंगा और शिव बाबा का ध्वज लेकर दौड़ते नजर आए।

यह मैराथन दादी प्रकाशमणि की 19वीं पुण्य स्मृति के उपलक्ष्य में आयोजित की गई। दादी प्रकाशमणि ने भारतीय सनातन संस्कृति, अध्यात्म और राजयोग के संदेश को विश्वभर में पहुंचाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया था। मैराथन के माध्यम से विश्व बंधुत्व, विश्व शांति, स्वस्थ जीवन और नशामुक्त समाज का संदेश दिया गया।
देवाराम और अर्पिता सैनी ने मारी बाजी

21.01 किलोमीटर हॉफ मैराथन के पुरुष वर्ग में जोधपुर के देवाराम ने 1 घंटा 19 मिनट 56 सेकंड के समय के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया। जैसलमेर के जुझार सिंह 1 घंटा 21 मिनट 12 सेकंड के साथ दूसरे और जोधपुर के मुकेश कुमार 1 घंटा 21 मिनट 32 सेकंड के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

महिला वर्ग में उत्तर प्रदेश की अर्पिता सैनी ने 1 घंटा 47 मिनट 14 सेकंड में दौड़ पूरी कर प्रथम स्थान हासिल किया। उदयपुर की सुनीता कुमारी गुर्जर 1 घंटा 57 मिनट 48 सेकंड के साथ दूसरे और अहमदाबाद की किरण पटेल 2 घंटे 00 मिनट 30 सेकंड के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
मास्टर और वेटरन वर्ग के विजेता
- पुरुष मास्टर वर्ग में कुन्नूर के नागेश पवार प्रथम, भरत भूषण द्वितीय और देहरादून के अर्जुन प्रधान तृतीय स्थान पर रहे।
- महिला मास्टर वर्ग में सूरत की रतना मेहता ने प्रथम, दिल्ली की जयंती थपलियाल ने द्वितीय और दिल्ली की आशा मनराल ने तृतीय स्थान हासिल किया।
- वेटरन पुरुष वर्ग में गाजियाबाद के महिपाल सिंह प्रथम, महाराष्ट्र के केशव मोटे द्वितीय और देहरादून के मुकेश राणा तृतीय रहे।
- वेटरन महिला वर्ग में जलगांव की विद्या पुरुषोत्तम ने प्रथम, दिल्ली की कृष्णा ने द्वितीय और मुंबई की स्मिता मूर्ति ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
मानसिक शक्ति के साथ दौड़ने का दिया संदेश

- मुख्य अतिथि एवं ओलंपिक मैराथन धावक खेता राम ने रनर्स का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि सभी प्रतिभागी पूरे दमखम के साथ दौड़ें और इसे आनंद के रूप में लें। उन्होंने कहा कि दौड़ में शारीरिक शक्ति के साथ मानसिक शक्ति का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है।
- तहसीलदार रणाराम राणा ने बड़ी संख्या में रनर्स की भागीदारी पर खुशी जताई।
- संस्थान के महासचिव राजयोगी बीके करुणा भाई ने रनर्स को उमंग और उत्साह के साथ दौड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मन को मजबूत रखें और इस संकल्प के साथ आगे बढ़ें कि हमें जीत हासिल करनी है।
- संस्थान के अतिरिक्त महासचिव राजयोगी डॉ. बीके मृत्युंजय भाई ने कहा कि मैराथन का उद्देश्य लोगों में विश्व बंधुत्व की भावना को मजबूत करना है। वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके ऊषा दीदी ने प्रतिभागियों को सफलता के दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
- मेडिकल विंग के सचिव बीके बनारसी भाई ने सभी रनर्स को जीवनभर नशामुक्त रहने और दूसरों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की प्रतिज्ञा कराई।
सात घूम के बाद बढ़ी चुनौती

मनमोहिनीवन से दौड़ शुरू होने के बाद रनर्स पूरे उत्साह के साथ अरावली की पहाड़ियों की ओर बढ़े। जैसे-जैसे प्रतिभागी सात घूम की ओर पहुंचे, पहाड़ी चढ़ाई के कारण चुनौती बढ़ने लगी। कई प्रतिभागियों के कदम धीमे हुए, जबकि प्रोफेशनल रनर्स ने शुरुआत में अपनी गति नियंत्रित रखते हुए पहाड़ी मार्ग पर आगे बढ़ने के साथ रफ्तार बढ़ाई।

पूरे मार्ग पर प्रतिभागियों की सुविधा के लिए हर किलोमीटर पर रिफ्रेशमेंट पॉइंट बनाए गए थे। सात घूम पर विशेष ट्रेकिंग पॉइंट भी बनाया गया। चार घंटे के निर्धारित समय में फिनिशिंग पॉइंट तक पहुंचने वाले रनर्स को मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
सुरक्षा के लिए पुलिस और सीआरपीएफ तैनात

मैराथन के पूरे रूट पर पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात रहे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर आबूरोड से सुबह 5.30 बजे से 7.30 बजे तक यातायात बंद रखा गया। प्रतिभागियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर पूरे समय नजर रखी गई।
स्पोर्ट्स परफॉर्मेंस कोच सुश्री भावना ने मैराथन से पहले प्रतिभागियों को वार्मअप कराया। सफाई विभाग के प्रभारी बीके जगदीश भाई ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम का संचालन मीडिया विंग की मुख्यालय संयोजिका बीके चंदा बहन और बीके भानू भाई ने किया।
मनमोहिनीवन से पांडव भवन तक दौड़े धावक

मैराथन का रूट तलहटी स्थित मनमोहिनीवन से शुरू होकर बाघनाला, छीपाबेरी, सातघूम, आरणा, माउंट आबू प्रवेश द्वार, गौमुख चौक, बस स्टैंड, रोटरी सर्कल, चाचा म्यूजियम चौक, अंबेडकर चौक, नक्की मार्केट, भारत माता नमन स्थल और दादी प्रकाशमणि मार्ग से होते हुए पांडव भवन स्थित ओम शान्ति भवन तक पहुंचा।
रास्ते में विभिन्न संगठनों और स्थानीय लोगों ने धावकों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
विजेताओं को पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र से किया सम्मानित

मैराथन के समापन के बाद पांडव भवन स्थित ओम शान्ति भवन में पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। पुलिस उपाधीक्षक बृजेश कुमार जाटव, केरिपुबल कमांडेंट महेंद्र कुमार, थाना अधिकारी दलपत सिंह राठौड़, संगठन की संयुक्त मुख्य प्रशासिका सुदेश दीदी, राजयोगिनी प्रभा दीदी, अतिरिक्त महासचिव बीके मृत्युंजय, सचिव डॉ. प्रताप मिढ्ढा सहित अन्य अतिथियों ने विजेता धावकों को पुरस्कार राशि एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
मैराथन के संयोजक बीके सचिन के साथ बीके भानू, बीके शिविका, बीके जितेंद्र जावाले सहित माउंट आबू के विभिन्न संगठनों और स्वयंसेवकों ने आयोजन की व्यवस्थाओं को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ये भी रहे मौजूद

इस अवसर पर सदर थाना सर्किल इंस्पेक्टर प्रदीप डागा, आबूरोड सिटी थाना सर्किल इंस्पेक्टर हरचंद देवासी, सीए बीके ललित भाई, बीके हरिलाल भाई, वरिष्ठ राजयोगी प्रकाश भाई, आवास-निवास के प्रभारी बीके देव भाई, बीके रूपा बहन, बीके ज्योति बहन, बीके सतेंद्र भाई, बीके मोहन भाई, बीके अमरदीप भाई, बीके नितिन भाई, बीके रामसुख मिश्रा भाई सहित अनेक अतिथि एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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