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विश्वकर्मा दिवस पर आबूरोड में कारीगरों का सम्मान, योग और श्रेष्ठ निर्माण का संदेश

Artisans Honoured on Vishwakarma Day in Abu Road; Rajyoga Inspires Excellence in Construction

आबूरोड, 17 सितम्बर। विश्वकर्मा दिवस के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ के संगम भवन, आबूरोड में विश्वकर्मा निर्माण विंग द्वारा कारीगरों, तकनीकी कर्मियों एवं निर्माण क्षेत्र से जुड़े कर्मयोगियों के सम्मान एवं आध्यात्मिक प्रेरणा का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आबूरोड एवं आसपास के क्षेत्रों के कारीगरों को सम्मानित कर उनके श्रम, कौशल और राष्ट्र निर्माण में योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

कार्यक्रम में बी.के. देऊ भाई ने कारीगरों का सम्मान करते हुए कहा कि कुशल कारीगर समाज और राष्ट्र के विकास की मजबूत नींव हैं। उनका श्रम ही श्रेष्ठ निर्माण का आधार है। इस अवसर पर सभी सम्मानित कर्मयोगियों को स्मृति-भेंट प्रदान की गई।

श्रेष्ठ निर्माण के साथ श्रेष्ठ विचार भी जरूरी

विश्वकर्मा निर्माण विंग के कीर्ति भाई ने विश्वकर्मा का जीवन-दर्शन विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि वास्तविक निर्माण केवल भवनों का नहीं, बल्कि श्रेष्ठ विचारों, संस्कारों और आदर्श समाज का भी होता है। उन्होंने कारीगरों से ईमानदारी, निष्ठा और सकारात्मक सोच के साथ अपने कौशल को जोड़ने का आह्वान किया।

बी.के. पूजा बहन ने राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराते हुए कहा कि शांत मन और एकाग्र बुद्धि से किया गया कर्म ही वास्तविक कर्मयोग बन जाता है। योगाभ्यास से उपस्थित कारीगरों ने आंतरिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।

तपोवन में कर्मयोगियों को मिला सम्मान

ब्रह्माकुमारीज़ के तपोवन परिसर में कार्यरत कारीगरों एवं तकनीकी कर्मियों के लिए भी विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया। चीफ इंजीनियर भरत भाई ने कार्यस्थल पर तनाव और चिंता से मुक्त रहकर शांतचित्त एवं सुरक्षित ढंग से कार्य करने की प्रेरणा दी।

शांतिवन में सुरक्षा और ऊर्जा संरक्षण पर जागरूकता

शांतिवन परिसर में बिजली, कारपेंटरी एवं अन्य तकनीकी विभागों के कारीगरों का सम्मान किया गया। कार्यक्रमों में सुरक्षित कार्यशैली, ऊर्जा संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के सदुपयोग और जिम्मेदारीपूर्ण कर्म के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।

विश्वकर्मा दिवस के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों ने यह प्रेरणादायी संदेश दिया कि कारीगर केवल इमारतें नहीं बनाते, वे समाज और भविष्य की नींव रखते हैं। सम्मान, योग, सुरक्षा और सेवा के समन्वय ने इस आयोजन को कर्मयोगियों के प्रति कृतज्ञता एवं श्रेष्ठ निर्माण के संकल्प का प्रेरक उत्सव बना दिया।

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